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Saturday, March 5, 2011

PhD हमें किस मोड़ पर ले आई

PhD हमें किस मोड़ पर ले आई 
दिल करे हाय कोई तो बताये आगे क्या होगा भाई,

याद नहीं ठीक से कब खाना खाया था मैंने 
पता नहीं सोया कब था रात में पूरी नींद 
रात और दिन में अब कोई फर्क नहीं शायीं
PhD हमें किस मोड़ पर ले आई। 

हर समय लैब के एक कोने में बैठा रहता हूँ 
कभी blot तो कभी pubmed में खोया रहता हूँ 
कितने ही blot लगा डाले पर वो band नजर नहीं आई
PhD हमें किस मोड़ पर ले आई 

जब देखो तब पड़ता रहता हूँ research पेपर खोज के
ढूड़ता रहता हूँ की कभी कहीं कुछ नया idea मिल जाये 
नया तो मिला नहीं पर किसी ने मेरे idea की वाट लगाई
PhD हमें किस मोड़ पर ले आई।

पूरा तन-मन लगा कर यह सोच कर काम करता हूँ 
की इस बार बॉस को दिखाने लायक अच्छा data आ जाये
पर जब analysis लिया तो P-value significant नहीं आई 
PhD हमें किस मोड़ पर ले आई

कोई कहता उसका experiment अच्छा कोई कहता उसका 
मुझे तो सारे ही experiment एक जैसे ही लगते हैं
काम कर गया तो वाह-वाह  नहीं तो दुहाई
PhD हमें किस मोड़ पर ले आई

जिंदगी हर दिन हर एक पल तनहा गुजर रही है अब तो यार
पहले तो कभी-कभी पिक्चर या बाहर घूम कर आते थे
पर अब तो सपनों में भी gfriend की जगह thesis नजर आई
PhD हमें किस मोड़ पर ले आई

अपने से दास साल कम उम्र वाले भी अब तो settle हो गए
लोगों ने भी कहना शुरु कर दिया पढाई कब ख़तम होगी
मैं क्या बोलूं उनको क्यों मैंने research में जान फसाई
PhD हमें किस मोड़ पर ले आई

PhD हमें किस मोड़ पर ले आई 
दिल करे हाय कोई तो बताये आगे क्या होगा भाई,

conti....
Dr. Tej Pratap Singh

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