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Monday, October 25, 2010

"भारत-यास्क"

आज आप जो यहाँ पढेंगे वो मेरे द्वरा लिखी जाने वाली पुस्तक के कुछ अन्स है, प्रोत्साहन सर्वोपरी.....

हजारों समय काल गये बीत,
तब धरा पर सत्य आया है,
मानवता के खातिर सर्वग्य लुटाने,
"भारत-यास्क" आया है...

अखंड भारत का जिसका है स्वप्न,
जननी-जन सेवा जिसका है धर्म,
अनीति पर नीति की विजय दिलाने,
"भारत-यास्क" आया है...

सभी को मिले न्याय का अधिकार,
जहाँ हो सुख समृधि, ना कोई विकार,
करने एसे एक नये युग की शुरुवात,
"भारत-यास्क" आया है...

"तेज"

3 comments:

  1. बहुत खूब सर जी .....अगर आज का हर भारतीय युवा आप की जैसी सोच रखे तो हमारे भारत का नक्शा विश्व पटल पर कुछ और ही होगा ......शुभकामनाये.... आज का स्वप्न कल का यथार्थ हो....
    god bless you...

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    --
    आपकी पोस्ट को बुधवार के
    चर्चा मंच पर लगा दिया है!
    http://charchamanch.blogspot.com/

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  3. Aapkee kamana zaroor pooree ho..aameen!

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